कुल्फा का साग
कुल्फा का साग
कुल्फा का साग हल्की खटास लिये हुये होता है बाजार मे यह साफ सुथरा मिलता है इसे पानी मे ज्यादा देर नही भिगोना चाहिये ज्यादा देर पानी मे भिगोने से इसकी खटास यानी स्वाद चला जाता है हमारे ननिहाल मे सीधा खेतों से यह साग घर मे आता था और नानी माँ बड़े प्रेम से इसे बनाती थी हमारी माँ को यह साग बहुत पसन्द है वह अब बहुत वृद्ध हो गयीं है अकेले सब्जी मन्डी नही जा पाती तो जब मैने यह साग बाजार मे बिकते देखा फौरन ले आई और माँ के पास उनकी पसन्द का यह साग बना कर भेज दिया
इराजौहरी








