७))दिल देता है तुमको ये हिदायत ये हिदायत
❆ ग़ज़ल सृजन –
❆ काफ़िया (तुकान्त) – अत
❆ रदीफ़ (सामन्त) – आपकी इच्छा अनुसार
❆ तिथि – 14 जुलाई 2018
❆ वार – शनिवार
दिल देता है तुमको ये हिदायत ओ जाने वफ़ा ,
मुद्दत से करती हूँ तेरी चाहत ओ जाने वफ़ा।
बड़ी शिद्दत थी कि बैठूँ कुछ देर पहलू में तेरे ,
करता है तू दिल पे मेरे हुकूमत ओ जाने वफ़ा ।
बड़ी मुश्किल से पाया है सुकून जो तू मिला है मुझे,
इस जमाने से कर जायेगा दिल बग़ावत ओ जाने वफ़ा ।
तू आये या ना आये जिन्दगी मे रहेगा इन्तजार तेरा ,
तू ही तो है मेरा हमदम मेरी मोहब्बत ओ जाने वफ़ा ।
हो कर उदास जो जा कर बैठी आज जा कर छत पे ,
इरा को याद आये तुम्हारे वो पुराने खत ओ जाने वफ़ा ।
इरा जौहरी
लखनऊ
गजल
दिल देता है तुमको ये हिदायत
१४/७/२०१८


