भट् की फली पड़ी कढी !!!
भट् की फली पड़ी कढी !!!
कढी
कढी खाय सड़ी !!!
हमारे तरफ की यह एक पुरानी कहावत है यानी एक बार बनी कढी को कई दिनो तक खाया जाता है त्योहार पर चढ़ी लोहे की कढाई मे आज हमने कढी बनाई है दही कीवजह से कढी हाज़मा भी सही रखती है और हमारी कढाई भी चमक गयी 😍😍
वैसे आपको बताये हमारी दादी का बचपन इंफाल मे गुज़रा था और वो कढी मे चीनी मिला कर मिठास वाली कढी खाना पसन्द करती थी मुझे भी उनके स्वाद वाली हल्की मीठी कढी भी बहुत पसन्द है मै खट्टी कढी मे हल्की मिठास मिला कर खाना भी पसन्द करती हूँ
आज हमने कढी मे भट की फली भी डाली है साथ मे पीले आलू व चावल भी हैं
हमारा बड़ा बेटा जब हमारे पास नही होता तब हम झट से कढी बना लेते हैं और हमारे छोटे बेटे को कढी बहुत पसन्द है कहो तो दिन मे जितनी बार भूख लगे उतनी बार कढी चावल ही खाये इस बार जब वह लम्बे समय बाद घर आया तो उसको हम कढी बना कर नही खिला पाये इस बात का अफ़सोस तो है पर बड़े बेटे के बाहर जाते ही बना ही ली मुझे तो यह इतनी पसन्द है कि कढी को पकते पकते ही पीनी शुरु कर देती हूँ फिर कुछ भी नही चाहिये 🤡🤡
कढी !!
बेसन मे हीग नमक मिला कर पानी डाल कर गाढा घोल बना कर अच्छी तरह फेंटे और गरम तेल की आँच धीमी करके पकौड़ियाँ तोड़े और करछुली से हिलाते हुये मध्षम व तेज़,आँच पर पकौड़ियों पर गर्म तेल डाले इससे पकौड़ियाँ फूल कर मूढ़े की आकार की हो जायेगी पकौड़ी बनाने के बाद कढी बनाने के लिये बेसन के बराबर मात्रा मे दही ले कर बेसन मे मिला कर पानी डाल कर पतला घोल बनाये नमक व हल्दी मिलाये
पकौड़ी बनाने बाद अतिरिक्त तेल निकाल कर थोड़े से तेल मे मेथी दाना डाले और जला कर निकाल दे बचे तेल मे हीग जीरा मिर्च से तड़का दे कर नमक मिला कर बने दही और बेसन के पानी मिले घोल को डाल कर छौंके
एक उबाल आने तक कढी को बराबर चलाते रहे और उबाल आने के बाद एक पकौड़ी डाल दे गैस धीमी कर दे कढी को पकने दे
कच्ची भट की फली के रेशे निकाल कर टुकड़ो मे करके साथ मे ही कढी मे डाल दे
हमारे बाबा कहते थे कढी बढिया पकने के लिये बत्तिस उबाल आने के बाद ही कढी बढिया पकती है तो जब कढी अच्छी तरह पक जाये तब बाकी पकौड़ियों को भी पकती हुई कढी मे डाल दे और थोड़ा पका कर गैस बन्द करके गर्म गैस पर ही रखी रहने दे
एक अलग पैन मे देशी घी मे कुटी व पिसी लालमिर्च भूने
पकी हुई कढी को परोसते समय ऊपर से लालमिर्च वाला देशी घी डाले कुछ लोग देशी घी मे जीरा भून कर भी ऊपर से डालना पसन्द करते है
इरा जौहरी
वैसे आपको बताये हमारी दादी का बचपन इंफाल मे गुज़रा था और वो कढी मे चीनी मिला कर मिठास वाली कढी खाना पसन्द करती थी मुझे भी उनके स्वाद वाली हल्की मीठी कढी भी बहुत पसन्द है मै खट्टी कढी मे हल्की मिठास मिला कर खाना भी पसन्द करती हूँ
मेथी दाना जला कर निकाल दे
एक उबाल आने तक कढी को बराबर चलाते रहे और उबाल आने के बाद एक पकौड़ी डाल दे गैस धीमी कर दे कढी को पकने दे
कढी छौंकते समय पहला उबाल आने तक तेज़ आँच पर लगातार चलानी चाहिये एसा ना करने पर कढी के फटने की संभावना रहती है फिर धीमी आँच पर देर तक पकने के लिये छोड़ देना चाहिये और पहले एक और बाद मे सारी इस लिये डाली जातीं है ताकि देर तक उबलने की वजह से सारी पकौड़ियाँ घुल ना जाये दरअसल यह तरीक़ा माँ से ही सीखा है
हमारे बाबा कहते थे कढी बढिया पकने के लिये बत्तिस उबाल आने के बाद ही कढी बढिया पकती है तो जब कढी अच्छी तरह पक जाये तब बाकी पकौड़ियों को भी पकती हुई कढी मे डाल दे और थोड़ा पका कर गैस बन्द करके गर्म गैस पर ही रखी रहने दे
पकी हुई कढी को परोसते समय ऊपर से लालमिर्च वाला देशी घी डाले कुछ लोग देशी घी मे जीरा भून कर भी ऊपर से डालना पसन्द करते है
कढी !!
बेसन मे हीग नमक मिला कर पानी डाल कर गाढा घोल बना कर अच्छी तरह फेंटे और गरम तेल की आँच धीमी करके पकौड़ियाँ तोड़े और करछुली से हिलाते हुये मध्षम व तेज़,आँच पर पकौड़ियों पर गर्म तेल डाले इससे पकौड़ियाँ फूल कर मूढ़े की आकार की हो जायेगी पकौड़ी बनाने के बाद कढी बनाने के लिये बेसन के बराबर मात्रा मे दही ले कर बेसन मे मिला कर पानी डाल कर पतला घोल बनाये नमक व हल्दी मिलाये
पकौड़ी बनाने बाद अतिरिक्त तेल निकाल कर थोड़े से तेल मे मेथी दाना डाले और जला कर निकाल दे बचे तेल मे हीग जीरा मिर्च से तड़का दे कर नमक मिला कर बने दही और बेसन के पानी मिले घोल को डाल कर छौंके
एक उबाल आने तक कढी को बराबर चलाते रहे और उबाल आने के बाद एक पकौड़ी डाल दे गैस धीमी कर दे कढी को पकने दे
एक उबाल आने तक कढी को बराबर चलाते रहे और उबाल आने के बाद एक पकौड़ी डाल दे गैस धीमी कर दे कढी को पकने दे
हमारे बाबा कहते थे कढी बढिया पकने के लिये बत्तिस उबाल आने के बाद ही कढी बढिया पकती है तो जब कढी अच्छी तरह पक जाये तब बाकी पकौड़ियों को भी पकती हुई कढी मे डाल दे और थोड़ा पका कर गैस बन्द करके गर्म गैस पर ही रखी रहने दे
एक अलग पैन मे देशी घी मे कुटी व पिसी लालमिर्च भूने
पकी हुई कढी को परोसते समय ऊपर से लालमिर्च वाला देशी घी डाले कुछ लोग देशी घी मे जीरा भून कर भी ऊपर से डालना पसन्द करते है
इरा जौहरी

