मक्के की मिर्ची कचौड़ी संग सूजी का हलुआ
बक़रीद स्पेशल !!!!
बक़रीद मुबारक हो !!!!
बक़रीद के मुबारक मौक़े पर शाकाहार अपनाइये
पेश है हमारा स्पेशल बकरे की आकृति को दर्शाता आलू का मजेदार पराठा
और मक्के की मिर्ची कचौड़ी संग सूजी का मीठा हलुआ आज के नाश्ते मे फरमाइये
मक्के की कचौड़ी
मक्के का आटा बाजार मे मिलता है
मक्के के आटे मे हल्का नमक मिला कर थोड़ा थोड़ा पानी डाल कर मुलायम आटा तैयार करे
इसका आटा बहुत जल्दी बिखर जाता है इसलिये जब कचौड़ी बनानी हो तभी लोई बना कर बीच मे आलू का भर्ता पानी लगी उँगलियों से हल्का दबाब दे कर किसी मोटी प्लास्टिक ,हथेली या गरम चिकनाई लगे तवे पर रख कर पानी लगी उँगलियों या चौड़ी करछुल से हल्का दबाब दे कर फैला कर एक तरफ सिंकने पर पलट कर दूसरी तरफ सेके और फिर चिकनाई मे सेक कर स्वादिष्ट कचौड़ी बनाये और इसी आलू के भर्ते मे खूब सारी हरीमिर्चे काट कर मिला कर मिर्ची कचौड़ी बनाये
इरा जौहरी
हलुआ सूजी का है जो सामान्य तरीके से कम चिकनाई मे मिठास रहित यानी फीका व मिठास सहित यानी मीठा बनाया है
सूजी का मीठा व फीका हलुआ !!!
सूजी का हलुआ तो सभी को बहुत पसन्द होता है पर कभी कभी किसी को मिठास व चिकनाई मना हो जाती है ऐसे मे बनाये कम चिकनाई का फीका हलुआ
हमने सूजी को सबसे पहले मध्यम आँच पर एसे ही बिना चिकनाई के भून ले भुनी हुई सूजी मे बाद मे घी मिलाने से कम चिकनाई मे भी हलुआ बढिया भुन जाता है व चिकनाई भी नज़र आती है हमने एक कटोरी सूजी को भूनने के बाद तीन चम्मच देशी घी मिलाया है और फिर थोड़ा और भून कर तीन गुना पानी मिला कर पका कर जरूरत के अनुसार फीका हलुआ निकाल कर बचे हलुये मे स्वादानुसार मिठास मिलाई है
परसते समय मेवे से सज़ा कर परोसे
इरा जौहरी



