मूँग की दाल का केसरी हलुआ !!!!
मूँग की दाल का केसरी हल्वा !!!!
लगभग पाँच छ: घंटे भीगी फूली धुली मूँग की दाल को हल्का पानी डाल कर महीन पीस ले
कच्ची दाल से लगभग सवाया देशी घी ले कर कढाई मे डाल कर उसमे पिसी दाल डाल कर चलाते हुये किनारे पर घी छोड़ने तक भूने
जब तक अच्छी तरह भुने बराबर की शक्कर और मेवे निकाल कर तैयारी कर ले
मेवों को महीन काट कर थोड़े मेवे भुनी दाल मे डाल कर थोड़ी देर तक भूने और कुछ मेवे बाद मे सजाने के लिये बचा ले
भूनते समय थोड़ी गाढी मलाई भी मिला दे अच्छी तरह भूने और अब शक्कर भी मिलाये दूध या पानी के छींटे मारते हुये सुनहरा होने तक भूने छींटे मारने से शक्कर भी घुल जायेगी और दाल भी पक कर फूल जायेगी दाल को सुनहरा बोने तक भूने और थोड़े से गर्म दूध मे जरा सी केसर डाले दूध मे जा कर केसर घुल जायेगी यह केसरिया दूध हल्वे मे मिला दे साथ ही यदि आप चाहे तो खोया भी मिला सकते है थोड़ी देर तक भूने और कुछ मेवे बाद मे सजाने के लिये बचा ले
इलाइची की खुशबू पसन्द हो तो देशी घी मे दाल भूनने से पहले ही पिसी इलाइची से छौक लगाये
इरा जौहरी
लगभग पाँच छ: घंटे भीगी फूली धुली मूँग की दाल को हल्का पानी डाल कर महीन पीस ले
कच्ची दाल से लगभग सवाया देशी घी ले कर कढाई मे डाल कर उसमे पिसी दाल डाल कर चलाते हुये किनारे पर घी छोड़ने तक भूने
जब तक अच्छी तरह भुने बराबर की शक्कर और मेवे निकाल कर तैयारी कर ले
मेवों को महीन काट कर थोड़े मेवे भुनी दाल मे डाल कर थोड़ी देर तक भूने और कुछ मेवे बाद मे सजाने के लिये बचा ले
भूनते समय थोड़ी गाढी मलाई भी मिला दे
अच्छी तरह भूने
शक्कर भी मिलाये
दूध या पानी के छींटे मारते हुये सुनहरा होने तक भूने छींटे मारने से शक्कर भी घुल जायेगी और दाल भी पक कर फूल जायेगी
सब सुनहरा होने तक भूने
थोड़े से गर्म दूध मे जरा सी केसर डाले
दूध मे जा कर केसर घुल जायेगी
यह केसरिया दूध हल्वे मे मिला दे साथ ही यदि आप चाहे तो खोया भी मिला सकते है
थोड़ी देर तक भूने और कुछ मेवे बाद मे सजाने के लिये बचा ले

मूँग की दाल का केसरी हलुआ
९/१/२०१७



