ईश्वर को पत्र
❆ पत्र – 01
❆ विषय – ईश्वर को पत्र
❆ तिथि – 04 जुलाई 2018
❆ वार – बुधवार
परमपिता परमेश्वर सादर प्रणाम
आपकी कृपा से कुशलता पूर्वक रहते हुये मैं सबकी कुशलता की मंगल कामना करती हूँ ।आगे समाचार यह है कि जिन्दगी अपनी गति से चलती जा रही है ।जीवन मे जितनी भी परेशानियाँ आई आपने बहुत कुशलतापूर्वक हमको उनसे उबार लिया ।इस बात के लिये हम आपके बहुत आभारी हैं ।हम चाहतें हैं कि हमको इतना क़ाबिल बनाना कि किसी को हमसे निराश ना होना पड़े हम सभी की अपेक्षाओं पर खरे उतरे ।मै अच्छी तरह जानतीं हूँ कि जो परेशानियाँ है उनका कोई निदान नहीं है पर हमारे अन्दर उन परेशानियों के साथ हिम्मतपूर्वक जीने की शक्ति बनाये रखना ।हमारे बच्चो को जीवन मे तरक़्क़ी व उन्नति देना और वह कभी भी गलत मार्ग पर ना चलें ऐसी बुद्धि देना और सदा निर्बल असहाय जनों की मदद करे इतना बल कौशल देना ।देख रही हूँ कि आजकल वृद्ध माता पिता बहुत अकेलापन महसूस कर रहे हैं चाहें जो भी वजह हो हमारी करबद्ध आपसे यही प्रार्थना है कि सभी का बुढ़ापा बाल बच्चों के साथ सुखद व्यतीत कराना ।कहतें हैं हर व्यक्ति को उसके कर्मों का फल जरूर मिलता है इस जनम मे या अगले जन्म में । पिछला जन्म तो हम जानते नहीं अगले का पता नहीं कम से कम अब तो जिन्दगी को सुकून से जीने की तमन्ना पूरी कर दो ।और हाँ अगर कोई रोग देते हो तो उसका अन्त भी किया करो यह क्या कि सारे के सारे राजरोग ही दे दिये जो जीवन के साथ ही जायेगे कहते है कि इंसान दुख में ही भगवान को याद करता है तो खुद को याद करानें की इतनी चाहत भी क्या ।मत भूलो कि दुखों की अधिकता में व्यक्ति पत्थर दिल हो जाता है मजबूर व्यक्ति अन्दर से बहुत मज़बूत हो जाता है फिर चाहे जितनी परेशानियाँ दे दो वह टूट कर बिखरता नही ।क्या चाहते हो क्या अभी भी परीक्षा ले रहे हो बहुत हो गया ऐसा ना हो कि तुम पर से विश्वास ही उठ जाये ।व्याकुल मन से समस्त प्राणियों में सद्भाव रहे इस मंगल कामना के साथ पत्र की समाप्ति करती हूँ ।
आपकी अपनी
इरा जौहरी
लखनऊ पराग
पत्र लेखन /ईश्वर को पत्र
४/७ /२०१८

