जीवन दर्शन
हाइकू (जीवन दर्शन)
पशु व पक्षी
व्याकुल हैं फिरते
वन घटते
जीवन मृत्यु
अनादि अविरल
अटल सत्य
कुटिल चाल
कपटी मानव की
व्याप्त ना भय
जीवन दुखी
करुण है क्रन्दन
पुकारूँ राम
क़ैद मे पंछी
अस्थि का है पिंजर
दो प्रभु मुक्ति
मुक्ति पश्चात
मिलन हो ईश से
यही कामना
आत्म दर्शन
प्रतिपल संघर्ष
जीवन कर्म
दुखिया जन
ओ दुखहारी बन
जन्म सफल
इरा जौहरी
लखनऊ पराग
हाइकू
८/६/२०१८



