तुझे खुशी देने का वादा
❆ काव्य सृजन –
❆ विषय – तुझे ख़ुशी देने का वादा
❆ तिथि – 27 अगस्त 2018
❆ वार – सोमवार
माँ कहती जब अपना दिल खुश तभी सब खुश ,
मान कर इस सिद्धान्त को रहती मैं हरदम खुश ।
तुझे ख़ुशी देने का वादा जो किया था एक दिन ,
निभाती आ रही हूँ दिल ओ जान से ऐ मेरे दिल।
लड़खड़ाई फिर बढ़ चली ना रुके क़दम हमारे ,
सदा ख़ुशहाल जीवन की चाह में उमंग के संग।
जीवन के हर मोड़ पर मुश्किलें चाहे जितनी भी आईं,
टेढ़ी मेढ़ी राहें ” इरा “की रही हो चाहे जितनी कठिन ।
बढ़ती चली लुटाती चली ख़ुशियाँ जो सबको हर पल,
बूमरैंग बन पूरा किया ऐ दिल तुझे ख़ुशी देने का वादा ।
इरा जौहरी
स्वरचित
काव्य /तुझे खुशी देने का इरादा
२७/८/२०१८
