धागे से बँधे भरवाँ खट्मिट्ठे करेले

धागे से बँधे भरवाँ खट्मिट्ठे करेले
करेलो को धो कर के किनारे चाकू से खुरद कर या छिलन वाले चाकू से छील कर अलग करे बीच का गूदा भी बीजो के साथ अलग कर के सबमे नमक लगा कर रख दे हमने रात मे नमक लगा कर रख दिया है किनारे के छिल्को को पीसकर छान कर जूस निकाल कर चाहे तो सेवन भी कर सकते है आगे की बात कल……
साबित करेले यूँही रखने पर अक्सर अन्दर से पक कर लाल हो जाते है अत: इन्हे बाजार से ला कर फौरन ही जैसे बनाना हो उसी के अनुरूप काट कर नमक लगा कर रख दे फ्रिज के बाहर भी हरे बनें रहेंगे
इस विधि से हमारी माँ पहले करेले बनाती थी यह हमारी बुआ दादी की विधि है माँ बताती हैं कि वो बड़े ही रसायन से हर व्यनजन बनाती थी धीमी आँच पर धीरे प्यार से पकने पर व्यन्जनो मे स्वाद ज्यादा आता है उनका नाम भी अन्नपूर्णा था और यथा नाम तथा गुण था उनमे वैसे तो ये करेले ज्यादा चिकनाई यानी तेल मे बनते है जैसे हमने तुलना मे कम चिकनाई रखने के कारन पानी डाल कर ढक कर गलाया है ये अधिक चिकनाई मे मसाला भून कर और चिकनाई में ही मसाले के साथ ढक कर पकाये जाते है सफ़र पर ले जाना हो तो चिकनाई की अधिकता से कई दिन तक खराब भी नही होते
भरवाँ करेले !!!!!
सबसे पहले करेलो का छिल्का हटा कर साफ करे और गूदा भी बीजो के साथ निकाल दे सभी मे नमक लगाकर सात आठ घंटे के लिये रख दे
करेला बनाने से पहले करेले , गूदे व छिल्के को अच्छी तरह साफ पानी से धो ले ।करेले मे गूदे समेत भर जाये लगभग इतना प्याज ले कर करेले के बीज , गूदे व छिल्के के साथ मोटा मोटा पीस ले या महीन प्याज काट ले या फिर प्याज को कद्दूकस से कस ले
कढाई मे तेल डाले गर्म करे और करेले डाल कर फ्राई करे
जब सब अच्छी तरह भुन जाये सारे तले हुये करेले निकाल ले
बचे तेल मे मेथी दाने का तड़का दें
पिसी सामग्री डाले साथ ही मे धनिया ,हल्दी ,मिर्च ,नमक ,सौंफ, खटाई और कलौंजी व गुड़ सभी कुछ अपने स्वादानुसार डाले हमने सौफ की मात्रा अधिक रखी है
सब चला फिरा कर भूने भूनते समय थोड़ा पानी भी किनारे पर डाले जिससे मसाला जले नहीं जब सब अच्छी तरह भुन जाये तले हुये करेलो मे भर कर धागा हल्के हाथो लपेट कर बाँध दे
अब ख़ाली कढाई मे फिर से सब एसे रखे कि मसाले वाला भाग ऊपर रहे एसे रख रख कर तली में थोड़ा पानी डाल कर ढक कर धीमी आँच पर पकाये पानी खत्म होने पर करेले छिल्का भी अन्दर तक पक जायेगा अब सब आहिस्ता से पलट कर थोड़ा और भून ले खाते समय करेले का घागा खोल कर भरवाँ करेला परोसे
इरा जौहरी

सबसे पहले करेलो का छिल्का हटा कर साफ करे और गूदा भी बीजो के साथ निकाल दे सभी मे नमक लगाकर सात आठ घंटे के लिये रख दे

करेला बनाने से पहले करेले , गूदे व छिल्के को अच्छी तरह साफ पानी से धो ले ।करेले मे गूदे समेत भर जाये लगभग इतना प्याज ले कर करेले के बीज , गूदे व छिल्के के साथ मोटा मोटा पीस ले या महीन प्याज काट ले या फिर प्याज को कद्दूकस से कस ले

कढाई मे तेल डाले गर्म करे और करेले डाल कर फ्राई करे
जब सब अच्छी तरह भुन जाये सारे तले हुये करेले निकाल ले
करेले मे गूदे समेत भर जाये लगभग इतना प्याज ले कर करेले के बीज , गूदे व छिल्के के साथ मोटा मोटा पीस ले या महीन प्याज काट ले या फिर प्याज को कद्दूकस से कस ले

बचे तेल मे मेथी दाने का तड़का दें

 

पिसी सामग्री डाले साथ ही मे धनिया ,हल्दी ,मिर्च ,नमक ,सौंफ, खटाई और कलौंजी व गुड़ सभी कुछ अपने स्वादानुसार डाले हमने सौफ की मात्रा अधिक रखी है

सब चला फिरा कर भूने भूनते समय थोड़ा पानी भी किनारे पर डाले जिससे मसाला जले नहीं

जब सब अच्छी तरह भुन जाये तले हुये करेलो मे भर कर धागा हल्के हाथो लपेट कर बाँध दे

अब ख़ाली कढाई मे फिर से सब एसे रखे कि मसाले वाला भाग ऊपर रहे एसे रख रख कर तली में थोड़ा पानी डाल कर ढक कर धीमी आँच पर पकाये पानी खत्म होने पर करेले छिल्का भी अन्दर तक पक जायेगा अब सब आहिस्ता से पलट कर थोड़ा और भून ले खाते समय करेले का घागा खोल कर भरवाँ करेला परोसे