धुली मूँग की दाल की खिचड़ी
उपवास के दिन तला भुना खाने के बाद आज हाज़मा दुरुस्त करने के लिये बनाई मूँग की दाल की खिचड़ी और साथ मे है दही और बुकनू
इरा जौहरी
Ira Johri जयपुर के राजवैद्य श्री मुक्ति नारायण शुक्ला जी द्वारा नानी माँ को बताया गया हाजमा दुरुस्त रखने वाले बुकनू का नुस्खा
1 हल्दी 100गृाम
2 सोंठ100 ”
3 जीरा50 ”
4 सौंफ 50 ”
5 अजवाइन 50″
6 हींग20 ”
7 छोटी हर्र 50 ”
8 बङी हर्र। 25″
9 बहेङा 25″
10 आँवला 25″
11 कांला नमक125″
12 पीपर25″
13 पिपरामूर 25″
14 सेधा नमक100″
विधि_1से लेकर 7 तक के मसालो को देसी
घी या सरसों के तेल मे भूने फिर। समस्त मसालो को एक साथ पीस कर बुकनू तैयार करे
भोजन के बाद रोज़ एक चम्मच बुकनू पानी के साथ या एसे ही भोजन के साथ खाने से हाज़मा दुरुस्त रहता है
रोटी पर देशी धी लगा कर या पराठे पर। एसे ही बुकनू लगा कर खाये हाज़मे के साथ स्वाद भी पाये
चाहे तो बुकनू मे नीबू का रस डाल कर चटनी की तरह भी आनन्द ले सकते है
इरा जौहरी





