मक्के की भरवाँ कचौड़ी

मक्के की भरवाँ कचौड़ी
जाड़े के ठंडे ठंडे मस्त मौसम मे मक्के की गरमागरम आलू भरी कचौड़ी का धूप मे बैठ कर आनन्द लीजिये
आलू भरी धीमी आँच पर सिकी मक्का की कचौड़ी देख कर किसका मन खाने के लिये नही ललचायेगा एक बार बना कर देखिये बार बार बनाने की फ़रमाइश होगी यूँ तो ये कचौड़ियाँ सिकने मे बहुत घी लेतीहै परन्तु अगर पहले इन्हे धीमी आँच पर अच्छी तरह सेक कर घी लगाया जाये तो येकम चिकनाई मे भी बढिया सिंक जाती है
इरा जौहरी
विधि
सबसे पहले भरावन तैयार करे हमने आलू का रखा है आप चाहे कुछ और अपने स्वाद का बना सकते है
आलू उबाल कर छील कर मसल कर नमक मिर्च हरीधनिया गरममसाला मिला कर भरावन सामग्री बनाये
कचौड़ी बनाते समय थोड़ा पानी भी एक कटोरी मे पास मे रखे
मक्के के आटे मे हल्का नमक मिर्च डाल कर पानी के साथ आटा मॉड कर तैयार करे आटे की लोई बनाकर बीच मे भरावन सामग्री रख कर पानी से हाथो को गीला करते हुये हाथो से ही हल्के हाथो दबाकर लोई को बड़ा कर केकचौडी बनाये और गर्म तवेपर डाल कर फिर से पानी से गीले हाथ या फिर चपटीकरछुली पर पानी लगाकर तवे पर फैलाकर जितना चाहे और सम्भव हो पतला करे और धीमी आँच पर सेके हल्का सेकने के बाद चिकनाई भी लगा कर सेके मनपसन्द अचार चटनी के साथ धूप मे बैठ कर आनन्द पूर्वक जाड़े के मौसम का आनन्द ले
मक्के की भरवाँ कचौड़ी
जाड़े के ठंडे ठंडे मस्त मौसम मे मक्के की गरमागरम आलू भरी कचौड़ी का धूप मे बैठ कर आनन्द लीजिये
आलू भरी धीमी आँच पर सिकी मक्का की कचौड़ी देख कर किसका मन खाने के लिये नही ललचायेगा एक बार बना कर देखिये बार बार बनाने की फ़रमाइश होगी यूँ तो ये कचौड़ियाँ सिकने मे बहुत घी लेतीहै परन्तु अगर पहले इन्हे धीमी आँच पर अच्छी तरह सेक कर घी लगाया जाये तो येकम चिकनाई मे भी बढिया सिंक जाती है
इरा जौहरी
विधि
सबसे पहले भरावन तैयार करे हमने आलू का रखा है आप चाहे कुछ और अपने स्वाद का बना सकते है
आलू उबाल कर छील कर मसल कर नमक मिर्च हरीधनिया गरममसाला मिला कर भरावन सामग्री बनाये
कचौड़ी बनाते समय थोड़ा पानी भी एक कटोरी मे पास मे रखे
मक्के के आटे मे हल्का नमक मिर्च डाल कर पानी के साथ आटा मॉड कर तैयार करे आटे की लोई बनाकर बीच मे भरावन सामग्री रख कर पानी से हाथो को गीला करते हुये हाथो से ही हल्के हाथो दबाकर लोई को बड़ा कर केकचौडी बनाये और गर्म तवेपर डाल कर फिर से पानी से गीले हाथ या फिर चपटीकरछुली पर पानी लगाकर तवे पर फैलाकर जितना चाहे और सम्भव हो पतला करे और धीमी आँच पर सेके हल्का सेकने के बाद चिकनाई भी लगा कर सेके मनपसन्द अचार चटनी के साथ धूप मे बैठ कर आनन्द पूर्वक जाड़े के मौसम का आनन्द ले
इरा जौहरी


