लालच बुरी बला है
❆ लघुकथा सृजन
❆ विषय – लालच बुरी बला है
❆ तिथि – 05 जून 2018
❆ वार – मंगलवार
नीला माइक्रोवेव मे बेसन के कुकीज बना रही थी जो देखने मे बहुत ही सुन्दर लग रहे थे तभी गोलू रसोई मे आया आव ना देखा ताव झट से एक कुकीज उठा कर मुँह मे डाल ली अरे यह क्या मुँह में कुकीज डालते ही चीख़ निकल गयी ।गरम कुकीज से गोलू का मुँह जल गया ।उसको लालच का फल मिल गया था ।।नीला ने कहा “खाने से पहले देखना तो चाहिये था ठंडे है या गर्म देखो लालच करने से मुँह जल गया इसलिये कुछ भी करने से पहले देखो सोचो समझो और फिर करो लालच मे कभी जल्दबाज़ी ना करो” “लालच बुरी बला है “।
इरा जौहरी
लखनऊ
लालच बुरी बला है
५/६/२०१८


