हमारा प्यारा हिन्दुस्तान !
❆ काव्य सृजन –
❆ विषय – हिन्दुस्तान
❆ तिथि – 16 जुलाई 2018
❆ वार – सोमवार
“हमारा प्यारा हिन्दुस्तान “
कण कण में जहाँ बसती है हमारी जान ,
वही है वही है हमारा प्यारा हिन्दुस्तान ।
आशाओं के जहाँ दीप हैं जलते ,
ममता की गोदी में लोरी हैं सुनते।
होली दिवाली जहाँ मिल कर मनाते ,
ईसा और कृष्ण का जन्म है मनाते ।
भेदभाव नही आपस में कोई ,
गले मिलते आपस मे सब भाई ।
दूर तक फैली हरियाली है ,
सागर ने भी बाँह पसारी है
ऊँचे पर्वत का भी यहाँ बसेरा है ,
मैदानों ने भी जमकर ली अँगड़ाई है ।
खेला करते खग मृग जहाँ वन मे ,
रास रचाये कृष्ण यहाँ मधुबन में।
कहाँ तक कहे “इरा “कि विश्व भर में ,
नाज है जिस पर वह है प्यारा हिन्दुस्तान ।
इरा जौहरी
लखनऊ
स्वरचित
हमारा प्यारा हिन्दुस्तान
१६/७/२०१८
