गूलर के कबाब
Ira Johri गूलर के कबाब
लखनऊ शहर नबाब और कबाब की वजह से भी जाना जाता है यहाँ के नवाबों ने कबाबो की शुरुआत की थी वैसे तो नॉनवेज कबाब कबाब यहाँकी खासियत है पर जो लोग शाकाहारी है उन्हो ने भी कबाब के नये नये ज़ायक़े ढूँढ लिये जिनमें गूलर के कबाब एक है
गूलर के कबाब बहुत ही स्वादिष्ट होते है खट्टी चटनी और प्याज के साथ खाने पर इसका आनन्द और भी बढ जाता है
विघि
कच्चे गूलर काट कर चलनी पानी भरी थाली मे रख कर अच्छी तरह धो कर उबाल कर पीस ले
नमक मिर्च हल्दी धनिया गरममसाला पिसा प्याज अदरख लहसन। हीग और थोङा बेसन या उबलीपिसी चने की दाल या भुने चने को पीस कर बना आटा मिला कर गर्म कढाई मे थोङा चला फिरा ले ठंडा होने पर हरी धनिया हरीमिर्च मिला कर गोलियाँ बना कर चपटा करके कबाब बना कर तवे पर सेके और यदि पान का आकार बनाना हो तो उसी चपटे कबाब के एक तरफ नोक बना कर दूसरी तरफ उँगली से अन्दर की तरफ मोड़ कर पान की आकृति बनाये
इरा जौहरी





