भपौरी
भपौरी !!!!
भाप मे बनी स्वाद से भरी भपौरी
यह भीगी पिसी मूँग की दाल से भाप मे बनाई जाने वाली मूँग की दाल की मुँगौडियो की सब्जी है खाने मे हल्की व स्वाद से भरी सब्जी होने के कारण एक बार जो इसे खाता है इसका दीवाना हो जाताहै हमने आज इसे कम चिकनाई मे बिना प्याज लहसुन के बनाया है
इस सब्जी के साथ रोटी व चावल दोनो ही अच्छा लगताहै हमने सब्जी के साथ सुरक्षित करके रखे गये कच्चे आम व ताज़े पुदीने की चटनी , चावल व सलाद पेश किया है पानी मे भीगी फूली दाल हो तो इस सब्जी को बनाने में भी ज्यादा समय नही लगता
इरा जौहरी
भपौरी बनाने के लिये सबसे पहले धुली मूँग की दाल को पाँच छ: घंटे के लिये पानी मे डाल कर भिगो कर फुला कर अच्छी तरह धो कर जरा सी हीँग डाल कर पीस ले हमने सब्जी बनाने के लिये धनिया भी ताज़ा ही पीसा है तो खुशबू भी बढिया आई है
कढाई मे पानी रखे और पानी पर चिकनाई लगी चलनी कढाई मे पानी गरम होने दे और फिर उस पर भपौरियाँ तोड़ कर दूसरी तश्तरी से ढक दे कुछ समय मे भपौरियाँ पक कर कड़ी हो जायेंगीं उन्हे तेज़ किनारी की कलछुल से या छुरी से छुड़ा कर निकाल ले फिर उसी चलनी पर बची दाल से और भी भपौरियाँ तोड़ कर इसी प्रकार भाप मे पकाये जब सभी पक जाये तब आख़िर मे एक बार सबको एक साथ चलनी मे डाल कर भाप मे कुछ पल रहने दे इससे जो रही सही कसर भी होगी वह भी पक जायेगी
अब अदरक हरीमिर्च व टमाटर को पीस कर हल्दी धनिया नमक व गरममसाला मिला कर अच्छी तरह पुन: पीस कर मसाला तैयार करे
चलनी को थाली मे रख कर थोड़ा पानी डाल कर चिपकी हुई मूँग की दाल भी छुड़ा ले
कढाई मे थोड़ा सा तेल डालें गर्म करे तेजपत्ता ,हीग जीरे से तड़कादे कर पिसा मसाला डाल कर भून कर दाल वाला पानी डाल कर पका कर उसमे भपौरियाँ डाल कर पकाये व भूने कम चिकनाई मे सब्जी बनाते व भूनते समय यदि वह तली मे चिपकती है तो पानी के छिट्टे दे कर छुटाये व भूने और फिर पानी डाल कर रसा लगा कर तेज़ आँच पर खौल आने के बाद धीमी आँच पर रझाये पकाये व तड़का पैन मे देशी घी मे कुटी लाल मिर्च व गरममसाला डाल कर भून कर ऊपर से छौक लगा कर ढक कर कुछ समय बन्द गरमगैस पर ही सब्जी को रहने दे इससे सब्जी की रंगत बढिया आती है कटी हरीधनिया से सज़ा कर परोसे
इरा जौहरी

कढाई मे पानी डाल कर गर्म करे उस पर चिकनाई लगी चलनी रखे और फिर उसपर भपौरी तोड़े व कुछ पल ढक कर पकाये




