सोयाबीन की बड़ी आलू टमाटर की दूध डाल कर बनाई स्वादिष्ट रसीली सब्जी!!!!
सोयाबीन की बड़ी आलू टमाटर की दूध डाल कर बनाई स्वादिष्ट रसीली सब्जी!!!!
साथ मे है लहसुन का नमक व मौसम की नयी कटी हुई मूली
सबसे पहले गरमपानी मे कुछ समय सोयाबीन की बड़ियाँ डाल कर फुला ले और फिर ठंडा पानी डाल कर ठंडा करके पानी निचोड़ दे
आलू छील कर टुकड़ो मे काट ले थोड़े से गर्म तेल मे कटा प्याज व लहसुन डाले हल्का भुनने पर कटा आलू डाले और नमक डाल कर कुछ समय ढक कर भूनते हुये पकाये व निचुड़ी हुई सोयाबीन की बड़ियाँ डाले और खुला ही सब भून कर अलग बर्तन मे निकाल ले
अब कढाई मे फिर से थोड़ा तेल डाले गर्म करे जीरे से तड़का दे कर कटा टमाटर डाले कद्दूकस से कस कर अदरक डाले हल्दी धनिया मिर्च व थोड़ा डाले और सब चला फिरा कर थोड़ा सा भून कर जरा सा पानी डाले और सब पका कर थोड़ा दूध डाले और सब पका कर भुनी हुई सब्जी डाल कर अच्छी तरह भून कर जरूरत के अनुसार रसे के लिये पानी डाल कर ढक कर पहले तेज़ और जब खौल आने लगे तब धीमी आँच पर कुछ समय पकाये रझाये
सब्जी रझाते समय तश्तरी पर थोड़ा पानी अवश्य रखे इससे सब्जी की चिकनाई नही उड़ती है
तैयार सब्जी पर ऊपर से थोड़ा गरममसाला बुरके और हरीधनिया से सज़ा कर सब्जी परोसे
इरा जौहरी

सोयाबीन की बड़ी आलू टमाटर की दूध डाल कर बनाई स्वादिष्ट रसीली सब्जी!!!!
साथ मे है लहसुन का नमक व मौसम की नयी कटी हुई मूली
सबसे पहले गरमपानी मे कुछ समय सोयाबीन की बड़ियाँ डाल कर फुला ले और फिर ठंडा पानी डाल कर ठंडा करके पानी निचोड़ दे
आलू छील कर टुकड़ो मे काट ले थोड़े से गर्म तेल मे कटा प्याज व लहसुन डाले हल्का भुनने पर कटा आलू डाले और नमक डाल कर कुछ समय ढक कर भूनते हुये पकाये व निचुड़ी हुई सोयाबीन की बड़ियाँ डाले और खुला ही सब भून कर अलग बर्तन मे निकाल ले
अब कढाई मे फिर से थोड़ा तेल डाले गर्म करे जीरे से तड़का दे कर कटा टमाटर डाले कद्दूकस से कस कर अदरक डाले हल्दी धनिया मिर्च व थोड़ा डाले और सब चला फिरा कर थोड़ा सा भून कर जरा सा पानी डाले और सब पका कर थोड़ा दूध डाले और सब पका कर भुनी हुई सब्जी डाल कर अच्छी तरह भून कर जरूरत के अनुसार रसे के लिये पानी डाल कर ढक कर पहले तेज़ और जब खौल आने लगे तब धीमी आँच पर कुछ समय पकाये रझाये
सब्जी रझाते समय तश्तरी पर थोड़ा पानी अवश्य रखे इससे सब्जी की चिकनाई नही उड़ती है
तैयार सब्जी पर ऊपर से थोड़ा गरममसाला बुरके और हरीधनिया से सज़ा कर सब्जी परोसे
इरा जौहरी




