फलाहार !!!!जीरे मिर्च के आलू , जीरे मिर्च के ही टमाटर और जीरे मिर्च से छुके हुये साबूदाना आलू टमाटर भी , अजवाइन हरीमिर्च से छुकी घुइया या अरबी देशी घी मे भुने हुये मखाने और मीठे मे है लौकी की खीर हलुआ और कपूर कन्द
नवरात्रि स्पेशल !!!!!
फलाहार
जीरे मिर्च के आलू , जीरे मिर्च के ही टमाटर और जीरे मिर्च से छुके हुये साबूदाना आलू टमाटर भी , अजवाइन हरीमिर्च से छुकी घुइया या अरबी देशी घी मे भुने हुये मखाने और मीठे मे है लौकी की खीर हलुआ और कपूर कन्द
इसमे से कपूरकन्द का नाम बहुतों ने नही सुना होगा यह लौकी के मीठे लच्छे होते है जो चाशनी मे पाग कर बनाये जाते है हमारी ननिहाल ( बिल्हौर ) मे ये बहुत ही बढिया बनते है हमने इसको बनाने की बस एक कोशिश की है
इरा जौहरी
नवरात्रि स्पेशल !!!
जीरामिर्च से छुके टमाटर !!!!!
मन हो खट्टे खाये या फिर हल्की मिठास मिला कर खट्मिट्ठे टमाटरो का आनन्द ले
इरा जौहरी
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विधि
गर्म देशी घी मे जीरा चटका कर कटी हरीमिर्च व कद्दू कस से कसी अदरक डाल कर कटे टमाटरों को डाल कर सेधा नमक व हल्का पानी डाल कर पकाये पकाने के बाद ऊपर से हरीधनिया और अदरक डाले मन हो खट्टे खाये या फिर हल्की मिठास मिला कर खट्मिट्ठे टमाटरो का आनन्द ले
नवरात्रि स्पेशल !!!
फलाहार !!
लौकी का हल्वा !!!!
इरा जौहरी
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विधि
लौकी को कद्दूकस से कस कर देशी घी मे पिसी इलाइची का छौक दे कर पका कर थोड़ा दूध और खोया मिला कर मन चाही मिठास पकाये मेवे से सजाये
नवरात्रि स्पेशल !!!
फलाहार!!!
इराजौहरी
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कपूरकन्द !!!!!!
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लौकी से बनने वाली दिलकश पारम्परिक देशी सुस्वादिष्ट मिठाई
जो एक बार खाये वो बार बार खाना चाहे
बचपन मे हम जब नानी के पास जाते थे हमारे मामा हम लोगो के लिये वहाँ बनने वाली यह ख़ास मिठाई अवश्य ही लाते थे हम सब को यहलमिठाई बहुत पसन्द थी इसके लच्छे कुछ यूँ समझ लीजिये जैसे आज के बच्चे चाऊमीन के नूडल्स उठा उठा कर खाते है हम लोग इन लच्छों के दीवाने थे ये लच्छे और इनपे पड़ा गुलाब व केवड़ा जल इस मिठाई की लज्जत और बढा देता था कन्नौज जो इत्र की नगरी है बिल्हौर के पास ही पड़ती है तो इफरात से सुगन्ध डालते हुये सुगन्धित कपूरकन्द सबको दीवाना बना देता था बस उसी समय को याद करते हुये हमने आज एक कोशिश की है कपूरकन्द बनाने की स्वाद तो वही आया है बस हमारे बनाने मे सुगन्ध की कमी है आप बनाये तो सुगन्ध भी डाल कर बना कर देखियेगा
इरा जौहरी
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विधि
कपूरकन्द की
कपूर कन्द बनाने के लिये सबसे पहले लौकी को लम्बाई मे बेड़ी बेड़ी कद्दूकस से कस कर लम्बे लच्छे निकाले लच्छों को पानी भरे बर्तन मे दस मिनट के लिये भिगो दे जरा सी फिटकरी भी डाल दे इससे लच्छे कड़े भी हो जायेगे और चमकदार भी बनेंगे एक भगौने मे पानी खौलने के लिये रखे जब पानी खौलने लगे लच्छों को फिटकरी के पानी से निकाल कर एक और बर्तन मे साफ पानी से धो कर खौलते पानी मे डाले और उबाल आवे पर ऑच से उतार कर चलनी मेछान ले
और ऊपर से सादा पानी डाल दे लौकी के बराबर की आधी चीनी की कढाई मे गाढी चाशनी बनाये यानी जब चाशनी मे सफ़ेदी आने लगे तब ये लच्छे डाल दे और बाकी चीनी छोटी इलाइची मिला कर पीस ले चाशनी के सूखने तक लच्छो को चलाती रहे गैस बन्द करके पंखे की हवा मे ठंडा होने तक चलाती रहे तो लच्छे बढिया बनेंगे नुकीली चीज से ( काँटे ) से बीच बीच मे लच्छे उठाते रहे जब लच्छे एक दम ठंडे हो जाये इलाइची मिली पिसी चीनी मिला दे सुगन्ध चाहे तो वह भी मिला सकते है पर वह सूखी चीनी मिलाने से पहले ही मिलाये
लौकी की खीर , लौकी का हलुआ और लौकी से ही बना कपूर कन्द

जीरे मिर्च से छुके साबूदाना आलू टमाटर




