राजमा चावल व फिरिनी। !!!!!!!
राजमा ,चावल !!!!!
किसको किसको पसन्द है ?
आज मैने इसे कुछ अलग स्टाइल से बनाया है
इसका स्वाद हमेशा से कुछ अलग और हमारे आलोचक जी को बहुत पसन्द
आया आज शरद पूर्णिमा है तो फिरिनी भी बनाई है पर मीठा नही देना है तो फीकी ही बना ली और जिसे मीठी खानी है उसके लिये मिठास मिला ली साथ ही एक और प्रयोग किया रसमलाई के दूध को फिरिनी मे मिला कर एक नये स्वाद की फिरिनी भी तैयार कर ली साथ मे हाज़मा दुरुस्त रखने के लिये मूली के पत्तो से बनी चुर्रीमुर्री भी है
इरा जौहरी।
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टमाटर दही और चटनी डाल कर बनाये हमारे स्टाइल से राजमा की स्वादिष्ट सब्जी !!!!!!
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सबसे पहले राजमा को पानी मे डाल कर आठ दस घंटे भिगो कर अच्छी तरह फुला ले फिर अच्छी तरह धो कर नमक डाक कर पानी के साथ तेजपत्ता भी डाल कर उबाल कर गला कर एक बर्तन मे निकाल ले
आलू डालना चाहे तो वह भी छील कर का
ले
१ गर्म तेल मे हीग जीरे का तड़का दे कर कटा टमाटर डाले भूने कटा आलू भी डाले भूने
२।३ दही व चटनी डाल कर चलाते हुये भूने
४ पिसा मसाला (पयाज लहसन अदरक हल्दी धनिया मिर्च गरममसाला ) डाले और राजमा से निकले पानी को डालते हुये भूने
५ जब सब भुन जाये तब उबला राजमा भी डाल कर भूने और पानी डालकर रसा लगा कर पकाये और पकने पर ऊपर से भी थोड़ा गरममसाला तथा हरा धनिया मिलाये
हमने हरी धनिया की नीबू वाली चटनी मिलाई है अगर चटनी ना हो तो थोड़ा अमचुर पाउडर मिलाये
चुर्रीमुर्री !!!
मूली के मुलायम पत्तो को लहसन , अदरक , नमक डाल कर पीसे (हरीमिर्च एच्छिक है )
पीसने के बाद जरा सा सरसो का कच्चा तेल मिलाये
यह गैस ,अपच ,बदहजमी ,बबासीर मे फ़ायदेमन्द होता है

फिरिनी !!!!!!!
पिसे चावल से बनी खीर !!!!!!
शरद पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनायें 🌝🌝🌝🌝🌝
शरद पूर्णिमा के शुभ अवसर पर बनाया फिरिनी का प्रसाद जो तारो की छाँव मे चन्द्रमा की रोशनी मे रखेंगे
इरा जौहरी
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फिरिनी बनाने का का आसान तरीक़ा
झटपट वाली विधि
हमने यह फिरनी चावल के आटे से बनाई है
दो भरे हुये चम्मच चावल के आटे मे क़रीब आधा लीटर दूध लग जायेगा
थोड़े दूध मे चावल का आटा घोल ले बाकी दूध ऑच पर रख कर पकाये दूध मे उबाल आने पर यह घुला हुआ दूध मिला दे और बराबर चलाते रहे हो सके तो फिरिनी भारी तले के हिन्डोलियम या अल्मुनियम के बर्तन मे बनाये इसमे दूध की चीजे जलने की संभावना कम रहती है फिरनी पकने के बाद ठंडी होने पर मेवे मिलाये


