संन्यास !!
हमारी काव्य सृजन की पहली स्वरचित रचना है आशा है हमारा यह प्रथम प्रयास आप सभी को पसन्द आयेगा 🙏🙏
काव्य सृजन –
विषय -संन्यास
तिथि ३१/१/२०१८
वार -बुद्धवार
संन्यास
लोटा ,चिमटा और जटा ,लँगोटी
क्या यह संन्यास है
या फिर छोड़ जीवन के कर्म
जा बसे एकान्त मे
यह संन्यास है
दूसरों को दे विरक्त रहने की सीख
और ख़ुद रहे महलों मे
क्या यह संन्यास है
या फिर करते रहे कर्म
मानव सेवा धर्म
यह संन्यास है
इरा जौहरी
लखनऊ (उत्तरप्रदेश )
समय ८:५५
३१/१/२०१८
