विनती
❆ शब्द सीढ़ी –
❆ तिथि – 07 जुलाई 2018
❆ वार – शनिवार
❆ शब्द – दुःख दर्द, तन्हाई,सुकून ,ख़ामोशी ,यादे
विनती
कर जोड़ विनती करती मैं भगवन ,
#दु:ख दर्द सभी के हर लो तुम।
रहती हूँ मै जब भी #तन्हाई में,
रोती हूँ हृदय तल की गहराई में।
मिलता है मुझको तभी #सुकून,
जब पार लगाते हो बेड़ा सबका।
रह कर अक्सर #ख़ामोशी में,
देखा करती तुमको मदहोशी में।
अब तो तुम होश में आ आओ,
#यादें मेरी मुझको ना रुलाओ।
करती “इरा” विनय कर जोड़,
अब तो सुन लो प्रभु विनती मेरी।
सुध ले लो प्रभु करती मै चिरौरी।।
इरा जौहरी
लखनऊ पराग
स्वरचित
विनती/शब्द सीढ़ी /दुख दर्द ,तन्हाई,सुकून ,ख़ामोशी ,यादे
