नयी बहू !
लघुकथा
नयी बहू
अम्मा जी पड़ोसन की नयी बहू की मुँह दिखाई करके आ कर बैठी ही थी कि आवाज लगाई ,” बहुरिया ! जरा पानी तो पिलाना । अन्दर से बहू की मुँहफट चुलबुली लाड़ली बहन जो अपनी दीदी से मिलने के लिये उनके पीछे आई थी , पानी का गिलास लेते हुये आई और बोली “नमस्ते अम्मा जी !कैसी है आप और बहु कैसी लगी ? ”
” अरे बहू बहुत संस्कारी है । बहुत दहेज लाई है ।घर भर दिया है उसने ।अरे तुम्हे क्या बताऊँ कि क्या क्या लाई है ? ”
बीच मे बात काटते हुये छोटी बहन बोल उठी ,”अच्छा ! तो वह खूब सारा दहेज लाई है इसलिये संस्कारी बहू है । है ना अम्मा जी ? “ और अम्मा जी भौचक उसका मुँह ताकती रह गयीं ।
इरा जौहरी
स्वरचित
लघुकथा /नयी बहू
१५/७/२०१८

