बोलती तस्वीर/जीवन/ काव्य
❆ बोलती तस्वीर – 70
❆ तिथि – 21 अक्टूबर 2018
❆ वार – रविवार
जीवन एक मधुर सरगम,
सुख दुख के तारो से बिंध।
बजता यह साँसों का साज,
हर साज का अलग अंदाज।
बचपन जवानी और बुढ़ापा ,
फिर जाना परलोक सिधार।
कर्म ही रह जाते याद यहाँ,
करते जीवन संगीत अमर ।
जन्म मृत्यु और फिर नव जीवन ,
जग में जीवन का चले यही क्रम ।
काल चक्र निरन्तर चलता जाये ,
गति इसकी कोई रोक ना पाये ।
इरा जौहरी
लखनऊ
बोलती तस्वीर
२१/१०/२०१८

