बालगीत
चित्र पर रचना करने की एक कोशिश
बालगीत
बाहर बहुत ठंड है भाई
अन्दर बैठो ओढ़ रज़ाई
शेरू, कालू,जॉनी ,गूफी
टैम्पो खाली देखो फूफी
चालक की है सीट खाली
मुलायम गद्दी मुझे लुभाई
रात भर की बात है प्यारे
दिन भर भटकते हैं बेचारे
दो लोग दो बाहर पहरा
तम हो चाहे कितना गहरा
इरा जौहरी
मौलिक
चित्र आधारित रचना /बालगीत
७/२/२०१९




