अँजुरी में नन्हा पौधा
❆ बोलती तस्वीर – 79
❆ तिथि – 11 फरवरी 2019
❆ वार – सोमवार
अँजुरी में नन्हा पौधा
आओ अँजुरी भर मिट्टी लेकर धरती में इक बीज लगाये ,
खाद पानी धूप और हवा दे कर उसे नन्हा सा पौधा बनायें ।
खर पतवार साफ करके खुली साँस ले जी सके वह जहाँ ,
हो जब वह कुछ मज़बूत एसी जगह उसे ले जा कर लगाये
सही समय उस पर कीटनाशकों का भी करे छिड़काव सदा,
रिमझिम बारिश के संग मधुर संगीत उसे सुना उसे दुलरायें ।
बसन्त ऋतु की ख़ूबी देखो यारों धरा हुई जाती है प्रसन्न ,
फल और फूलों से लद कर पौधा झूम खुशी के गीत गाये।
विशालकाय वृक्ष बन नन्हा पौधा कहता अपनी बाँहें पसार ,
सावन आया झूला डाल आओ आलि रे प्रेम की पेंग बढ़ाये।
इरा जौहरी
लखनऊ
मौलिक
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