६))दिल देता है तुमको ये हिदायत !
❆ ग़ज़ल सृजन – 41 ❆ काफ़िया (तुकान्त) – अत ❆ रदीफ़ (सामन्त) – आपकी इच्छा अनुसार ❆ तिथि – 14 जुलाई 2018 ❆ वार – शनिवार दिल देता है तुमको ये हिदायत ओ जाने वफ़ा , मुद्दत से करती हूँ तेरी चाहत ओ जाने वफ़ा। बड़ी शिद्दत थी कि बैठूँ कुछ देर पहलू में […]
पोखर के बराबर
लघुकथा पोखर के बराबर बिहार का कोलियारी का इलाक़ा जहाँ चारो तरफ कोयला ही कोयला और शराब की भट्टियाँ भी ।गाँव के लगभग सभी घरो मे देशी दारू तो बनती ही थी ।ज़्यादातर मर्द पी कर नशे में धुत्त रहते थे औरतें भी इस बुराई से दूर ना थी बहुत सी तो नशा करने मे […]
५))जिन्दगी यूँ ही बीत जाती है निभाने में !!
.गजल #काफ़िया_मिलाना दिनांक – 12 जुलाई 2018 जिन्दगी यूँ ही बीत जाती है निभाने मे कुछ बात अधूरी रह जाती है वीराने मे नसीब में हमारे यूँ ही गम है बहुत सनम फिर क्यूँ मजा आता है मुझको सताने मे जो आई आज फिर मीठी ख़ुमारी मुझको यादों के दरमियाँ गुजरी रात मुझे रुलाने मे […]
एक नयी सुबह!!
लघुकथा एक नयी सुबह मास्टर ज़ोरावर लाल आँख बन्द करके आराम कुर्सी पर बैठे हुये थे ।यादें थीं कि पीछा ही नही छोड़ रहीँ थी।आज दीपावली के दिन बेटा बहुत याद आ रहा था ।अभी कुछ ही समय तो हुआ था उसकी आकत्समिक मौत का । समय का पहिया बीते दिनो की सुखद यादों में […]
लक्ष्य भेद !! (१)
लघुकथा लक्ष्यभेद लाला मनसुखराम दौलत से बहुत प्रेम होने के कारण दौलत इकट्ठी करने के लिये हर सही गलत तरीका आज़माने के लिये तैयार रहते थे ।ईश्वर ने दुश्मनी निभाते हुये उन्हे दो कन्याओं का बाप बना दिया था ऐसा उनका मानना था पर हार मानना उन्होने सीखा ना था ।बड़ी बेटी ब्याह योग्य होने […]
