सबल संकल्प
लघुकथा – सबल संकल्प आज फिर निशीथ ऑफ़िस मे सबसे झगड़ कर आये थे और ग़ुस्सा पत्नी और बच्चों पर उतर रहा था ।संयुक्त परिवार वाले घर के बाकी सदस्य यानी माता पिता भाई भाभी बहन व अन्य बच्चे सब देख रहे थे बच्चे घबरा कर अपने कमरों मे दुबक गये थे तो बड़े मुफ़्त […]
थोथा नारा
लघुकथा थोथा नारा—— “बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ” का ज़ोरदार नारा फेसबुक पर चल रहा था इसका असर साहित्यिक रचनाओं वाले समूहों की रचनाओं की पोस्ट में भी दिख रहा था ।साथ ही नन्ही बच्ची के साथ बलात्कार की घटना ने तो सभी को जैसे हिला ही दिया हो ।ऐसे में मुनिया की माँ भी किसी […]
विनती
❆ शब्द सीढ़ी – ❆ तिथि – 07 जुलाई 2018 ❆ वार – शनिवार ❆ शब्द – दुःख दर्द, तन्हाई,सुकून ,ख़ामोशी ,यादे विनती कर जोड़ विनती करती मैं भगवन , #दु:ख दर्द सभी के हर लो तुम। रहती हूँ मै जब भी #तन्हाई में, रोती हूँ हृदय तल की गहराई में। मिलता है मुझको […]
रिश्तो का बाजार
लघुकथा रिश्तों का बाज़ार घर में बड़े अरमान के साथ नयी बहू आई थी सभी बहुत खुश थे चचिया ददिया ननिया सासों के साथ नन्द व देवरों की भी भीड़ थी सभी को बहू बहुत संस्कारी और सुन्दर लगी थी सबसे उसको ढेरों आशीर्वाद मिले थे पर पता नही क्या था कि बहू का मन […]
पार्टी का पैसला
लघुकथा पार्टी का फैसला चुनाव में बुरी तरह हारनें के बाद हारने वाली पार्टी के लोग मुँह लटकाये बैठे हुये थे ।बड़े नेता हार के कारणों को खोज रहेथे और छुटभैया दिमाग़ी घोड़ों को दौड़ाते हुये अपने विचारों को पर्चियों मे उतार कर आगे पँहुचा रहे थे ।कुछ समझ मे नही आ रहा था कि […]
