तेरी रूह से
२४) मुशायरा तेरी रूह से गर इश्क़ ना होता रुखसत कर जाते न जाने कब का बैठे है कफ़न बाँधे सिर पे रुख़ ना करते कभी इधर का जो तेरी याद आई मयखाने मे मुझे खीच लाई पर ना मिला तू मिली तो तेरी रुसवाई इरा जौहरी १४/२/२०१८ पहला मुशायरा पृष्ठ(२४) तेरी रूह से २४)मुशायरा […]
परिन्दों का घर
लघुकथा परिन्दों का घर ये परिन्दे भी कई तरह के होते है कुछ तो अपने रहने के लिये बहुत सुन्दर घर बनाते हैं तो कुछ तिनके जोड़ कर बस रहने लायक ही बना लेते हैं तो कुछ इतने चालाक होते है जो मौक़ा ताक कर चौका लगा लेते हैँ यानी जरूरत पड़ने पर दूसरों से […]
संस्मरण -वह रात
❆ संस्मरण -वह रात ❆ तिथि – 12 जून 2018 ❆ वार – मंगलवार . .जीवन में बहुत सी घटनायें होती रहतीहैँ और वो मन मस्तिष्क में अपनें संस्मरण अच्छी व बुरी यादों के रूप मे छोड़ जातीं है कुछ ऐसा ही संस्मरण लिखते समय आँखों के सामने घूम गया जो जिन्दगी और मौत के […]
घनघोर घटा उमड़ कर मचा रही यह कैसा मंथन ओ साथी
❆ शब्द सीढ़ी – ❆ तिथि – 07 जून 2018 ❆ वार – गुरुवार ❆ शब्द – मंथन, कथन, चिन्तन, सृजन, हनन घनघोर घटा उमड़ कर मचा रही यह कैसा मंथन ओ साथी । दिल में मेरे भी चल रहा जाने कैसा यह #मंथन ओ साथी । टूटा दिल उसी दिन देखा जिस रोज वह […]
