जीवन दर्शन
हाइकू (जीवन दर्शन) पशु व पक्षी व्याकुल हैं फिरते वन घटते जीवन मृत्यु अनादि अविरल अटल सत्य कुटिल चाल कपटी मानव की व्याप्त ना भय जीवन दुखी करुण है क्रन्दन पुकारूँ राम क़ैद मे पंछी अस्थि का है पिंजर दो प्रभु मुक्ति मुक्ति पश्चात मिलन हो ईश से यही कामना आत्म दर्शन प्रतिपल संघर्ष जीवन […]
उफान पर नदी
लघुकथा उफान पर नदी श्यामला अपने आप में मगन चली जा रही थी।विचारों की उथल पुथल मन में चल रही थी सोंच रही थी कि जो उसने किया ठीक ही किया ।बहुत सह लिया । माँ बाऊ जी की तरह वह अपना जीवन नहीं गुज़ारेगी उसको मौक़ा मिला है तो वह जरूर प्रशिक्षण लेगी । […]
१))आँख मूँद करती हूँ यह प्रयास सदा
गजल #काफ़िया_मिलाओ – दिनांक – 10 जून 2018 काफिया -आस आँख मूँद करती हूँ यह प्रयास सदा , नयनों मे बस रहूँ तेरे ही आसपास सदा । अन्तर्मन का दुख कह तो जरा , रहने ना दूँगी तुझे उदास सदा । प्रियतम प्यारे हूँ तेरी और तेरी ही रहूँगी , अटल वादा करती हूँ कि […]
शतरंज सी है जिन्दगी
❆ काव्य सृजन – 182 ❆ विषय – शतरंज सी है ज़िन्दगी ❆ तिथि – 04 जून 2018 ❆ वार – सोमवार . जीवन की बिसात पर पसरी हुई अल्लहड़ सी जिन्दगी । पल में हँसाती तो कभी रुलाती शतरंज सी है जिन्दगी ।। ऊँची पर्वत माला से गिर कलकल धारा सी तरंगित बन्दगी । […]
मुहब्बत मे उनसे मिलने की ,है बेक़रारी दिन रात
❆ ग़ज़ल सृजन – 38 ❆ काफ़िया (तुकान्त) – आरी ❆ रदीफ़ (सामन्त) – इच्छा अनुसार ❆ तिथि – 01 जून 2018 ❆ वार – शुक्रवार मुहब्बत में उनसे मिलनें की ,है बेक़रारी दिन रात । तड़पा रहीं दूरियाँ ,है यह बेक़रारी दिन रात ।। मजबूरियों तो देखो हमारी ,अजब है लाचारी दिन रात । […]
