चौपाल
*लघु कथा चौपाल आज फिर गाँव की चौपाल पर भीड़ जमा थी रमुआ की दुल्हन के बच्चा ना होने का कारण निरंजन की बेवा का डायन होना बताया जा रहाथा और साथ ही कुछ समय पहले जब से चौधरी का पोता नही रहा तब से चौधराइन भी यही कह रही थी कि ऊ डायन ही […]
अनाथ
प्रेरणादायक लघु कथा अनाथ तिथि_ १६ वार -शुक्रवार अनाथ शीर्षक से हमे अपने जीवन के प्रेरणा स्त्रोत के विषय मे लिखने का ख़्याल मन मे आया जिन्होंने विषम परिस्थिति मे भी उठ कर ऊँचा मुक़ाम पाया अभी शिव रात्रि पर उनका जन्मदिन था हलाँकि अब वो इस दुनिया मे नहीं है पर उनकी बातें सदा […]
एक कहानी माँ की ज़ुबानी ( दो लघु कथायें )
एक कहानी माँ की ज़ुबानी दृश्य एक पहली लघुकथा मोबाइल टीवी पर सीरियल चल रहा है नायिका के हाथ मे गुलाबी मख़मली बटुये के साथ चौकोर मोबाइल हाथ मे है उसके बटन ऐसे चमक रहे है मानो हीरे जड़े हो देख कर रहा नही गया नीला के मुँह से निकल गया कि कितना सुन्दर मोबाइल […]
बड़ी मौसी
लघुकथा बड़ी मौसी मौसी और बहनौतिन का रिश्ता बहुत करीब होता है कुछ इत्तफ़ाक़ रहा कि नीला की ससुराल के पास ही उसकी बड़ी मौसी नें रहने के लिये घर ख़रीद लिया । अब तो नीला के पंख लग गये माँ ना सही मौसी तो पास आ गयी थी रहने के लिये एक तरह से […]
स्टेपनी
लघुकथा स्टेपनी फेसबुक के आभासी मित्र और स्टेपनी सुनन्दा फेसबुक के मैसेन्जर पर अपने आभासी मित्रों से बाते करने मे व्यस्त थी तभी दरवाज़े पर आहट हुई देखा तो सहेलियाँ आई हुई थी उसने तुरन्त फेसबुक बन्द किया और सबके साथ गप्पे लड़ाने बैठ गयी समय का पता ही नही चला । फिर सबके साथ […]
