सुबह की राम राम जी !!!!
आज तो सूरज भी ठंड के मारे अलसाते हुआ आँखें खोल रहा है सुबह की राम राम जी 🙏🙏🙏🙏 इरा जौहरी आज तो सूरज भी ठंड के मारे अलसाते हुआ आँखें खोल रहा है सुबह की राम राम जी Posted by Ira Johri on Thursday, December 3, 2015
क्रंकरीट के जंगल से झाँकता सूर्य शुभ प्रभात्
क्रंकरीट के जंगल से झाँकता सूर्य शुभ प्रभात् इरा जौहरी क्रंकरीट के जंगल से झाँकता सूर्य शुभ प्रभात् Posted by Ira Johri on Friday, November 20, 2015
जानें कहाँ गये वो दिन !!!!!! चौथा भाग
जानें कहाँ गये वो दिन हमारी तीसरी रचना जीवन का कोई भी पड़ाव हो यादे खूबसूरत हो या दुखदाई कैसी भी हो सदा साथ रहतीं है पापा की स्थानांतरण वाली नौकरी की वजह से हमे बहुत से शहरों को करीब से देखने का मौक़ा मिला साथ ही हर शहर मे नये नये दोस्त बनाने का […]
