अनकहा दर्द
बोलती तस्वीर/लघुकथा अनकहा दर्द कौन सा मुखौटा अपने चेहरे पे लगाऊँ ।घरेलू सीधी सादी महिला का मुखौटा लगाती है तो घरेलू हिंसा जीने नही देगी और यदि बाज़ारू औरत का मुखौटा पहनती है तो सभ्य समाज के सफ़ेदपोश नोंचने आ जायेंगे।किसी कड़क अधिकारी का मुखौटा धारण करती है तो भ्रष्टाचार का दैत्य हावी हो जायेगा […]
लेख/एक विचार
लेख आज के समय में एक विचार अच्छे पाठक होने का जहाँ तक सवाल है तो हर वह व्यक्ति अच्छा पाठक हो सकता है जो काग़ज़ की पुड़िया भी पढ़ने का मोह ना छोड़ सके ।साथ ही यह भी सही है कि हर व्यक्ति अपनी अभिरुचि के अनुसार ही पठन पाठन करता है ।जबरदस्ती […]
बालगीत
चित्र पर रचना करने की एक कोशिश बालगीत बाहर बहुत ठंड है भाई अन्दर बैठो ओढ़ रज़ाई शेरू, कालू,जॉनी ,गूफी टैम्पो खाली देखो फूफी चालक की है सीट खाली मुलायम गद्दी मुझे लुभाई रात भर की बात है प्यारे दिन भर भटकते हैं बेचारे दो लोग दो बाहर पहरा तम हो चाहे कितना गहरा इरा […]
वजह
लघुकथा /वजह पति पत्नी की आँखों मे आँखे डाल कर “मेरे जीने की वजह बस तुम हो केवल तुम “ पत्नि बच्चे को गोद मे खिलाते हुये “और हमारे जीने की वजह यह हमारा नन्हा सा घर संसार है “ इरा जौहरी मौलिक लघुकथा / वजह लघुकथा /वजह पति पत्नी की आँखों मे आँखे डाल […]
समाज सेवक व सेविका
लघुकथा “समाज सेवक व सेविका ” समाज की सेवा मे अपना जीवन समर्पित करने की भावना उसमे सदा से ही थी गुणवान माँ की बेटी होने के कारण उसे घर मे ही सहज रूप से कई कलाओं का ज्ञान प्राप्त हो गया था ।बच्चो के विद्यालय और पति के काम पर जाने के बाद उसके […]
