यखिनी मटन !!!
यखिनी मटन !!!!
आज हमने कायस्थो के द्वारा परम्परागत रूप से आजमाई गयी पुरानी विधि से मटन बनाया है हमारी ताई, चाची ,बुआ ,मौसी नॉनवेज के व्यनजन बनाने मे बहुत माहिर है उनके द्वारा बनाये गये व्यनजन एसे होते है कि उँगलियाँ चाटते रह जाओ हमारी माँ तो पक्की शाकाहारी है इसलिये इस तरह के व्यनजन हमने ताई, चाची ,बुआ ,मौसी द्वारा ही बनाये हुये बचपन मे खाये और अपने पापा के साथ सबसे पहले नॉनवेज ही बनाना सीखा आज जिस विधि से हमने मटन बनाया है इस विधि से बना मटन बहुत ही क्रिस्पी और स्वादिष्ट बनता है थोड़ा समय ज्यादा लगता है पर बनाते समय यखिनी पीने का जो मजा आता है वह बहुत अच्छा लगता है और बनाते समय ही चखते हुये सब स्वाद लेते रहते है आप सब भी एक बार ट्राई करके देखियेगा
इरा जौहरी
यखिनी मटन !!!!
मटन साफ करके उसमे तेजपत्ता , कटा प्याज कुचली लहसुन अदरक डाल कर नमक व पानी डाल कर कुकर मे सीटी लगा कर पकाये मैने आधा किलो मटन मे दो गिलास पानी डाला है पके हुये मीट का यह सूप या पानी ही यखिनी कहलाता है यह बहुत हल्की व ताक़तवर होती है तीखेपन वाले स्वाद के लिये इसमे पिसी कालीमिर्च मिला सकते है यखिनी उन मरीजो को ताक़त के लिये दी जा सकती है जिन्हें चिकनाई मना होती है हमारे घर मे तो बनते ही सब पीना शुरु कर देते है इसके बाद कढाही मे तेल गर्म करके एक एक कर सभी टुकड़े डाल कर तल कर निकाल ले इससे सभी टुकड़े क्रिस्पी हो जाते है ये टुकड़े भी नमक लगा कर चखने मे मजा देते है और फिर सब तलने के बाद बचे तेल मे यदि आलू डालना चाहे तो कटे आलू भी डाल कर तल ले और फिर कटा टमाटर डाल कर हल्का भून कर पिसा मसाला ( प्याज ,लहसन ,अदरक ,हल्दी ,धनिया, मिर्च, नमक ,गरममसाला ) डाले और भून कर तले हुये मटन के टुकड़े भी डाल कर सब भून कर गरम पानी डाल कर रसा लगा कर कुकर मे थोड़ा और पकाये देख ले यदि पूरी तरह मीट गल गया हो तो रझा कर गैस बन्द करदे और यदि कसर रह गयी हो तो अच्छी तरह पका ले नमक इसलिये दोबारा डालने को कहा क्योंकि यखिनी पीने से मीट मे नमक हल्का हो जाता है और ऊपर से थोड़ा डाल देने से सब बराबर हो जाता है जब मीट बन कर तैयार हो जाये तब ऊपर से भी थोड़ा गरममसाला डाल कर ढक्कन बन्द करदे इससे खुशबू अन्दर तक बस जाती है और फिर चाहे तो ऊपर से कटा हराधनिया भी डाल कर सजा कर पेश करे
इरा जौहरी



यखिनी मटन
५/२/२०१७


